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अग्रवाल समाज · द्वापर युग से

अग्रवाल विरासतअपनी पावन
विरासत को सहेजते हुए

हमारी परंपरा, हमारी पहचान, हमारा गौरव

हर अवसर के लिए कदम-दर-कदम रीति-रिवाज़ की गाइड — दीवाली और होली से लेकर गृह प्रवेश और विवाह तक — हिंदी और अंग्रेज़ी में। हर अग्रवाल के लिए, वे दुनिया में कहीं भी हों।

अपना समाज

अग्रवाल संस्थाएँ, आप जहाँ भी रहें

5 देशों में 38 समाज, सभाएँ और ट्रस्ट — वे क्या करते हैं और उनसे कैसे संपर्क करें।

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हमारे आदर्श

हमारे समाज की नींव

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हमारी कुलदेवी, हमारे आदि पुरुष, और वह धर्म का आदर्श जिस पर हम चलते हैं।

Devotional portrait of Devi Maa Adya Mahalakshmi seated upon a pink lotus throne, four-armed in her primordial form. Her upper right hand holds the Sudarshan Chakra and her upper left hand holds the Gada (mace) — the Vaishnavi weapons that distinguish the Adya form as the protector of dharma. Her lower right hand holds a pink lotus; her lower left pours gold coins. Two Gaja-Lakshmi elephants flank her, lifting golden kalashes in abhishekam beneath a Sri Yantra background, sun and moon at the upper corners.

माँ आद्य महालक्ष्मी

हर अग्रवाल गोत्र की कुलदेवी — महालक्ष्मी का आद्य रूप, सुख, समृद्धि और कल्याण की देवी। हर घर की पूजा में, हर दीवाली की लक्ष्मी पूजा में और समाज के हर संस्कार में उनकी पूजा होती है।

"या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता" — जो सब प्राणियों में लक्ष्मी रूप में बसती हैं
Portrait of Maharaja Agrasen seated on a golden lion throne in a pink and gold darbar, white beard, royal chatri overhead, right hand raised in abhaya mudra, with a clay brick and gold coin on a side table.

महाराजा अग्रसेन

सभी 18 अग्रवाल गोत्रों के महान आदि पुरुष। उनका अग्रोहा राज्य बराबरी, अहिंसा और मिल-जुलकर समृद्धि पर टिका था — यही मूल्य हमारा समाज आज भी निभाता है।

"एक ईंट, एक रुपया" — समाज बनाने में हर नागरिक का हिस्सा
Devotional painting of Lord Ram and Mata Sita seated side by side on the carved golden throne of Ayodhya, both raising their right hand in the abhaya mudra (blessing); Ram holds the Kodanda bow upright with a quiver on his back, Sita wears a crimson and gold saree, beneath a tasselled crimson parasol with brass lamps, green drapes and pink lotuses on either side.

श्री राम और माता सीता

धर्म, भक्ति और सच्चाई के सदा के आदर्श। श्री राम के सत्य और करुणा के आदर्श अग्रवाल मूल्यों और सनातन परंपरा की आत्मा हैं।

"रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई"

पोर्टल में क्या है

अपने समाज को जानने के चार रास्ते

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संस्कार और त्योहार

कदम-दर-कदम रीति-रिवाज़ की गाइड

दीवाली, गृह प्रवेश, विवाह, होली, मुंडन और भी बहुत कुछ — सामग्री, मंत्र और उनके अर्थ, हिंदी और अंग्रेज़ी में।

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इतिहास

अग्रसेन जी से आज तक

महाराजा अग्रसेन का राज, 18 यज्ञ, अग्रोहा का पतन, देश-विदेश में बसना — 5,000 सालों में अग्रवाल समाज की पूरी कहानी।

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18 गोत्र

समाज की वंश परंपराएँ

सभी 18 गोत्रों का मंडल, हर गोत्र के ऋषि, वेद और गोत्र देवता के साथ — और यह कहानी कि हर वंश महाराजा अग्रसेन तक कैसे पहुँचता है।

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दान

हर रुपया समाज सेवा के लिए

समाज सेवा के लिए दिया गया हर रुपया समाज सेवा में ही जाता है — पढ़ाई, परिवारों की मुसीबत में मदद, विरासत को सहेजना। साइट चलाने के लिए कितना अलग से देना है, और कार्ड की फ़ीस भी देनी है या नहीं — यह आप तय करते हैं।

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पहले मार्गदर्शन

संस्कार और त्योहार

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ज़रूरी सामग्री, अर्थ सहित मंत्र और वीडियो के साथ कदम-दर-कदम गाइड — अग्रवाल कैलेंडर के हर अवसर के लिए।

दीपावली — लक्ष्मी पूजा
बड़ा त्योहार

दीपावली — लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी-गणेश पूजा, दीये जलाना, लक्ष्मी जी की आरती, और दीवाली की रात सही क्रम — पूरी गाइड।

12 चरण · ऑडियो · वीडियो · प्रिंट करने लायक
गृह प्रवेश
जीवन संस्कार

गृह प्रवेश

अग्रवाल रीति से नए घर में प्रवेश — वास्तु पूजा, कलश स्थापना, नवग्रह शांति, और दाहिने पैर से शुभ प्रवेश।

9 चरण · सामग्री की सूची · वीडियो
विवाह संस्कार
विवाह

विवाह संस्कार

पूरी अग्रवाल शादी — सगाई और तिलक से सात फेरों और विदाई तक, अर्थ, मंत्र और इलाके के हिसाब से फ़र्क के साथ।

18 चरण · इलाके के हिसाब से फ़र्क · ऑडियो
होली — होलिका दहन
त्योहार

होली — होलिका दहन

होलिका क्यों जलाते हैं, होली जलाने से पहले की सही पूजा, परिक्रमा का महत्व, और सुबह रंगवाली होली।

7 चरण · अर्थ के साथ
मुंडन संस्कार
बच्चों का संस्कार

मुंडन संस्कार

16 संस्कारों में से एक — बच्चे के पहली बार बाल उतारना। कब करें, क्या चाहिए, कौन से मंत्र, और इसका धार्मिक महत्व।

6 चरण · सामग्री की सूची
रक्षा बंधन
श्रावण पूर्णिमा

रक्षा बंधन

बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है और भाई उसकी रक्षा का वचन देता है — और हमारे परिवार में इस दिन सोल भी बनते हैं: रक्षा करने वाली जोड़ी आकृतियाँ, जिन्हें पूजा की जगह और हर दरवाज़े पर लगाते हैं ताकि घर बुराई से बचा रहे। श्रावण पूर्णिमा, यानी पूरे चाँद के दिन मनाया जाता है।

राखी और आशीर्वाद · हर दरवाज़े पर सोल
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हमारा उद्देश्य

यह पोर्टल क्यों ज़रूरी है

सदियों में हज़ारों अग्रवाल परिवार अग्रोहा से निकलकर पूरे भारत और दुनिया में बस गए। बहुतों के पास अब बड़े-बुज़ुर्ग नहीं हैं। यह पोर्टल उनका डिजिटल परिवार है — जब रास्ता दिखाने वाला कोई न हो, तब एक भरोसेमंद साथी।

रीति-रिवाज़ों को ठीक वैसे ही सहेजना जैसे अग्रवाल परिवार पीढ़ियों से करते आए हैं — हर इलाके के फ़र्क का सम्मान करते हुए और उसे लिखकर।

हर रीति-रिवाज़ को हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में उपलब्ध कराना — मंत्रों की ऑडियो, वीडियो और प्रिंट करने लायक गाइड के साथ।

अपने समाज को आगे बढ़ाना: समाज सेवा के लिए दिया हर रुपया ज़रूरतमंद अग्रवाल परिवारों की पढ़ाई और मदद में जाता है — साइट चलाने के लिए दानदाता जो अलग से देते हैं, वह अलग दिखाया जाता है।

Lord Ram and Mata Sita seated together on the carved golden royal throne of Ayodhya, flanked by lion-head armrests, beneath a deep crimson tasselled canopy, painted in the visual tradition of classical Indian poster art.
A traditional brass aarti thali arranged with a kalash topped with coconut wrapped in red mauli thread, mango leaves, marigold flowers, rose petals, multiple lit diyas, vermillion, turmeric, raw rice, and fruit — set on a deep crimson silk cloth.
Traditional Hindu pooja samagri laid out on a cream cloth with a deep red silk border: a brass thali with a lit diya and small bowls of roli and haldi, a copper kalash topped with leaves and a coconut wrapped in red mauli, bowls of akshat (raw rice), chandan paste and camphor, paan leaves with supari, a hank of red and yellow mauli thread, incense sticks in a brass stand, and marigolds and rose petals.

आपके परिवार के लिए

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हर अग्रवाल परिवार साइन अप करके यहाँ अपना निजी वंशवृक्ष रख सकता है — हर पीढ़ी, हर गोत्र, हर फ़ोटो, हर कहानी। आपके परिवार की जानकारी आपकी ही रहती है; एक परिवार की जानकारी दूसरे तक नहीं जाती।

शुरुआती दौर में मुफ़्त। संस्थापक परिवारों के लिए हमेशा मुफ़्त।

बरगद जैसा वंशवृक्ष

खिसकाएँ, ज़ूम करें, घसीटें — हर पीढ़ी एक साथ दिखती है।

फ़ोटो + कहानियाँ

हर व्यक्ति की एक फ़ोटो; बुज़ुर्गों की यादें उनकी आवाज़ में।

नक्शा + गोत्र

आपका परिवार कहाँ रहता है; 18 गोत्रों में कैसे बँटा है।

आवाज़ → रीति-रिवाज़

बुज़ुर्गों की बात रिकॉर्ड करें; AI उसे गाइड में बदल देता है।

याद दिलाना

जन्मदिन, सालगिरह, पुण्यतिथि — ईमेल से याद दिलाया जाता है।

सिर्फ़ परिवार के रीति-रिवाज़

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रीति-रिवाज़ों के फ़र्क पर एक बात

सदियों में अग्रवाल परिवार राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और दुनिया भर में फैले, और हर परिवार ने अपने इलाके और हालात के हिसाब से परंपराएँ ढालीं। यहाँ दिए गए रीति-रिवाज़ मार्गदर्शन के लिए हैं, नियम नहीं। आपके परिवार का तरीका भी उतना ही सही है। हम हर तरीके का सम्मान करते हैं — कृपया अपना तरीका भी साझा करें।

सामुदायिक संग्रह

आपके परिवार का तरीका मायने रखता है

हर अग्रवाल परिवार का हर रीति-रिवाज़ करने का अपना सुंदर तरीका होता है। एक जीता-जागता संग्रह बनाने में हमारी मदद करें — बताइए आपका परिवार कैसे मनाता है, फ़ोटो, वीडियो या बस लिखकर।

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